Umam Khanam – मुस्लिम लड़की का साम्प्रदायिक नाटक

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लोकप्रियता पाने के लिए ड्रामा

मेरठ की एक कॉलेज से लॉ की स्टूडेंट ने लोकप्रियता पाने के लिए सांप्रदायिकता का सहारा लिया। दरअसल मेरठ के एक कॉलेज की लॉ की छात्रा उमामा खानम ने ट्वीट करते हुए लिखा कि कॉलेज की ट्रिप में उसके साथ छेड़छाड़ की गयी। इतना ही नही उसने आरोप लगाया कि उसके सहपाठियों ने शराब पीकर बस में उसके साथ छेड़छाड़ की।

मुस्लिम लड़की ने आरोप लगाया कि 55 विद्यार्थियों के बीच वह अकेली मुस्लिम थी। इसलिये उसे निशाना बनाया गया। उसे भारत माता की जय के नारे लगाने को मजबूर किया गया। साथ ही उसके सहपाठी हिन्दू लड़को और लड़कियों ने शराब के नशे में उसे बीजेपी की टोपी लगाकर नाचने को मजबूर किया गया।

मोदी विरोधी मीडिया ने लेख लिखे

इस घटना का पता जैसे ही मोदी विरोधी मीडिया को लगा तो एक के बाद एक ट्वीट्स सामने आये। बहुत सारे लेख लिखकर इस घटना को मुस्लिमो के उत्पीड़न से जोड़ दिया गया। कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने उमामा खानम के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा कि अगर यह है मोदी जी नया इंडिया तो हमे हमारा पुराना इंडिया ही लौटा दो।

सहपाठियों ने आरोपों को ख़ारिज किया

द जयहिन्द ने इस घटना की गहराई से जाँच की। स्थानीय पुलिस ने मामले पर संज्ञान लेते हुए ट्रिप पर साथ गये सभी विद्यार्थियों और टीचर्स के बयान लिए। पुलिस को 55 विद्यार्थियों में से 53 ने उमामा खानम के आरोपो को निराधार और झूठा बताया। उसकी सहपाठी छात्राओं ने भी बताया कि उमामा केवल लोकप्रियता के लिए झूठ बोल रही है। उसकी 2 बेस्ट फ्रेंड्स ने ही उसका पक्ष लिया। बाकी सभी सहपाठियों ने कहा कि न तो किसी ने ट्रिप पर शराब पी, न ही कोई छेड़छाड़ की और न ही किसी तरह की कोई घटना घटी। मुस्लिम लड़की के सहपाठियों ने भी सोशल मीडिया में उसके आरोपो को झूठा बताया। सारिका जाट जो की उमामा की सहपाठी है, ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि वो एक सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कर रही है।

मुस्लिम लड़की की हक़ीक़त

उमामा खानम की सोशल मीडिया प्रोफाइल और उसके द्वारा शेयर किए गए विचारों से यह साफ़ हो जाता है कि उसने ऐसी हरकत क्यों की है। उसकी प्रोफाइल पर भाजपा विरोधी और हिन्दू विरोधी पोस्ट या ट्वीट देखे जा सकते है। उसके द्वारा ज्यादातर उन लोगो को फॉलो किया जाता है जो समय समय पर हिन्दू, भाजपा और भारत विरोधी बयान दिए जाते है।साथ ही उमामा के ट्वीटस देखकर इस्लाम के प्रति उसकी कट्टरता को भी समझा जा सकता है।

उमामा के द्वारा एक मनगढ़त कहानी बनाकर इसे साम्प्रदायिक रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है। आजकल के मुस्लिम युवकों के साथ साथ युवतियों में भी इस्लामिक कट्टरता देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया के जरिये इस्लामिक कट्टरता और दूसरे धर्मों के प्रति नफरत इस तरह युवाओं को भड़काया जा रहा है। 22 वर्ष की मुस्लिम लड़की उमामा खानम, जो कि खुद एक लॉ की स्टूडेंट है, के द्वारा इस तरह साम्प्रदायिक और कट्टरता के मार्ग को अपनाना चिंता का विषय है। हालाँकि सोशल मीडिया में लोकप्रियता के बाद उमामा खानम ने अपने बीजेपी और गैर मुस्लिम विरोधी ट्वीट्स डिलीट करने शुरू कर दिए है।

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