गुरुग्राम घटना का सच आया सामने। द पप्पू मीडिया का पर्दाफाश

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गुरुग्राम की घटना का सच

Gurugram Violence : होली के 2 दिन बाद एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल किया गया। इस वीडियो को वायरल करने में कांग्रेस आईटी सेल के द्वारा कई स्पोंसर्ड विज्ञापन भी चलाये गये। क्रिकेट खेलने को लेकर हुए झगड़े को होली की गुंडागर्दी बताया गया। केवल एक पक्ष को पीड़ित बताकर इसे सांप्रदायिक रंग दिया गया। हरियाणा पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए कुछ लोगो को गिरफ्तार किया।

पुलिस जांच और स्थानीय निवासियों के बयान में सामने आया कि 21 मार्च को होली के दिन दोपहर में कुछ युवक मोहल्ले में क्रिकेट खेल रहे थे। तभी वहाँ पास से गुजरते एक मुस्लिम व्यक्ति को गेंद लग गयी। इससे गुस्से में आकर उस मुस्लिम व्यक्ति ने 4-5 युवकों को बुरी तरह पीटा। इसके बाद युवकों ने इसका बदला लेने के लिए उसके घर तक पहुंचे,, जहाँ उन पर पत्थर बाजी की गयी। जिसके बाद युवकों ने मुस्लिम व्यक्ति के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। बीच बचाव में आयी एक महिला को भी मामूली चोट आई।

केजरीवाल और कांग्रेस ने जहर फैलाया

गुरुग्राम की घटना क्रिकेट खेलते समय हुए विवाद को लेकर घटित हुई। लेकिन कांग्रेस आईटी सेल द्वारा इसे खून की होली का नाम दे दिया। यहाँ तक की केजरीवाल और राहुल गांधी ने इसे बिना कोई तथ्य जाने सीधा आरएसएस और बीजेपी से जोड़ दिया। अरविन्द केजरीवाल ने इस घटना को सीधे हिन्दू धर्म ग्रन्थों से जोड़ते हुए ट्वीट किए। जब तक पुलिस ने FIR दर्ज की तब तक इसे भाजपा द्वारा प्रायोजित साजिश बता दिया गया।

लेकिन पुलिस जांच में अभी तक यह साफ़ नही हुआ है कि क्या एक पक्ष के सभी आरोपी केवल हिन्दू ही है । लेकिन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी नेताओं के द्वारा इस घटना को बिना जाने हिन्दू मुस्लिम का सांप्रदायिक रंग दे दिया। होली से एक दिन पहले केजरीवाल ने हिन्दू धर्म के प्रतीक स्वास्तिक के चिन्ह को झाड़ू मारकर भगाते हुए एक कार्टून की तस्वीर साझा की जिससे उनकी हिन्दू विरोधी मानसिकता का उजागर हो गया।

द पप्पू मीडिया ने घटना को मॉब लीनचिंग बताया

गांधी परिवार के प्रति समर्पित भाव से खबरें बनाने और बिगाड़ने का काम करने वाले द पप्पू मीडिया ने इस घटना को सांप्रदायिक रंग दे दिया। हमेशा की तरह ही इस घटना को भी धर्म विशेष से जोड़कर मॉब लीनचिंग का स्वरूप देने की कोशिश की गयी। जबकि स्थानीय लोगो और पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह केवल एक विवाद के चलते आपसी संघर्ष था। पूरी घटना में कही भी मुसलमानो को पाकिस्तान जाने की धमकी देने की बात न तो वीडियो में सुनाई दी। न ही पुलिस जांच में ऐसी कोई बात सामने आयी है।

द इंडियन एक्सप्रेस ने बिना तथ्यों के गुरुग्राम की घटना को मॉब लीनचिंग से जोड़ दिया। हमेशा की तरह द पप्पू मीडिया ने इसे मुस्लिम उत्पीड़न की घटना बताया गया जबकि यह आपसी विवाद था। मुसलमानो को पाकिस्तान जाने की धमकी देने का दावा झूठा साबित हुआ।

मुरादाबाद की घटना का जिक्र नही

एकपक्षीय खबरों को दिखाने वाले द पप्पू मीडिया और उसको राजनीति के गलियारों में चटकारे लेने वाले नेताओं से यकीनन इस मामले में सवाल बनेगा कि निगाहें और आवाज सिर्फ गुरुग्राम की तरफ ही क्यो ? मुरादाबाद में जो कुछ भी हुआ उस पर किसी की नजर क्यों नहीं ।

जिला मुरादाबाद के गाँव भगतपुर टांडा में शुक्रवार को होली के पर्व पर हिंदू समुदाय के लोग चौपाई जुलूस निकाल रहे थे। जुलूस जब मुस्लिम समुदाय के मोहल्ले में पहुंचा तब वहां पर पहले से जमा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उसको नई परंपरा बता कर विरोध जताया। इतना ही नहीं उन्होंने बेहद अपमानजनक शब्दों का प्रयोग हिन्दुओ की आस्थाओं पर किया । हिन्दुओ ने विरोध किया तो मुस्लिम समुदाय के लोगो ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।

मुस्लिम बहुल इलाके में मोर्चाबंदी कर दी गयी और उन्मादी नारे लगाए जाने लगे । सूचना मिलते ही पुलिस के आला अफसरों के साथ भगतपुर, भोजपुर, डिलारी और ठाकुरद्वारा समेत कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंची। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में चौपाई का जुलूस निकाला गया। मुस्लिम समुदाय की ओर से की गयी पत्थरबाजी में कई हिन्दू महिलाएं भी घायल हुई। लेकिन द पप्पू मीडिया और विपक्ष के राजनितिक दलों ने इस घटना को नजरअंदाज किया। बल्कि उस घटना को प्रचारित किया जिससे उनका वोटबैंक मजबूत हो सके।

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