मुस्लिम आतंक : भाजपा का प्रचार किया तो मिलेगी मौत

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हिन्दू सन्त की मोब लीनचिंग

Muslim Terror : कानपुर। सजेती थानाक्षेत्र के दौलतपुर गांव में एक हिन्दू सन्त को कुछ मुस्लिम आतंकी गुंडों ने पिट पिट कर अधमरा कर दिया । दरअसल, गांव के मुस्लिम आतंकी गुंडों नूर और अली ने तालिबानी फतवा जारी किया हुआ है। इस फतवे के अनुसार गांव का कोई भी व्यक्ति भाजपा का प्रचार नही कर सकता। पीड़ित हिन्दू सन्त मनोज बाबा गाँव की चौपाल में मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ की प्रशंसा करते थे। मुस्लिम आतंकी गुंडों नूर और अली को यह उनके फतवे का उल्लंघन लगा। वे दोनों साथी मुस्लिम आतंकी गुंडों के साथ मंदिर में आ धमके और पूजा कर रहे साधू को जमकर पीटा।

मुस्लिम आतंकी गुंडों ने साधु को मारा समझकर वहाँ से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मंदिर से अधमरी हालत में साधू को अस्पताल में भर्ती कराया। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

मृत समझ कर छोड़ा 

सन्त मनोज बाबा दौलतपुर गांव के बाहर हनुमान मंदिर में पिछले बीस सालों से पूजा-पाठ करते हैं। हाल ही में, वो कुम्भ स्नान के बाद मंदिर लौटे। शाम को ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर चर्चा करते थे। सन्त कुम्भ के किस्से सुनाने के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते थे। जब समाजवादी पार्टी के मुस्लिम गुंडों नूर व उसके भाई अली को इसकी खबर हुई तो उन्होंने हिन्दू सन्त को सीएम व भाजपा का प्रचार करने पर धमकी दी, पर वो नहीं डरे। देर शाम दोनों मुस्लिम गुंडे नशे में धूत होकर अपने अन्य साथियों के साथ मंदिर में आ गये। मुस्लिम आतंकी गुंडे हिन्दू सन्त मनोज बाबा को मंदिर से खींच कर लाए। इसके बाद उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। सन्त को मरा हुआ समझकर मुस्लिम आतंकी, उन्हें मंदिर के पीछे फेंककर फरार हो गए।

ग्रामीणों ने पुलिस को दी सूचना

रामबाबू निषाद जब सुबह मंदिर पहुंचे तो बाबा दर्द से कराहते हुए मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के बाद बाबा को अस्पताल में भर्ती कराया। इसकी खबर लगते ही नूर और अली ने रामबाबू निषाद को भी मारने की साजिश रची। अस्पताल से घर लौटते वक्त मुस्लिम गुंडों ने रामबाबू को भी दबोच लिया और पिटाई की। पुलिस ने मनोज बाबा और रामबाबू की तहरीर पर दोनों मुस्लिम भाईयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हिन्दू सन्त मनोज ने बताया कि गांव में इन दोनों मुस्लिम भाईयों का वर्चस्व है । कुछ दिन पहले उन्होंने ऐलान किया था कि गांव में जो भाजपा का प्रचार करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

सपा से जुड़े हैं मुस्लिम गुंडे

दौलतपुर गांव में मुस्लिम समुदाय के अलावा निषाद समुदाय के लोग भी रहते हैं। 2014 और 2017 के चुनाव में यहां के निषाद समुदाय के मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में वोट किया था। जिसके कारण मुस्लिम आतंकी गुंडे नूर और अली ग्रामीणों से खासे नाराज थे। दोनों मुस्लिम गुंडे समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं। हिन्दू सन्त ने कहा कि उन्हें राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वो तो कुम्भ में इंतजामों पर ग्रामीणों को जानकारी से अवगत करा रहे थे। दोनों मुस्लिम गुंडों ने इसे उनके एलान का उल्लंघन माना और हिन्दू सन्त को मारने की साजिश रची। सजेती थाना प्रभारी अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर एनसीआर दर्ज की गई है। आरोपी मुस्लिम आतंकी नूर बख्श व उसके भाई नूर अली की तलाश की जा रही है।

मुस्लिम आतंकवाद का बढ़ता वर्चस्व

होली के दिन हरियाणा के गुरुग्राम में दो पक्षो में आपस में झगड़ा हो गया। क्रिकेट खेलते समय हुए विवाद को बड़े बड़े नेताओं ने सांप्रदायिक रंग देंने की कोशिश की। लेकिन हिंसा में घायल हुए मुस्लिम पक्ष के व्यक्ति ने खुद को दबंग बताया और कहा कि यह हिन्दू मुस्लिम की लड़ाई नही है। गुरुग्राम का झगड़ा आपसी विवाद के चलते हुआ। लेकिन इस घटना को यह कहकर प्रचारित किया गया कि हिन्दू आतंकियो ने मुस्लिम परिवार को घर में घुसकर पीटा। जबकि एक और वीडियो में मुस्लिम परिवार की महिलाएं रास्ते में खड़े हिन्दू युवकों को मारने के लिए कह रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि पहले मुस्लिम परिवार के व्यक्ति ने एक हिन्दू युवक को बुरी तरह पीटा जिसकी प्रतिक्रिया में यह घटना घटी।

सोशल मीडिया, कुछ प्रायोजित अख़बार और न्यूज वेबसाइट्स ने इसे हिन्दू आतंकवाद से जोड़ दिया। जबकि गुरुग्राम की घटना में दोनों पक्षो के लोग घायल हुए है। केवल एक पक्ष का प्रायोजित वीडियो चलाकर हिन्दू आतंकवाद की पठकथा लिखी गयी। यह घटना मीडिया जगत की प्रायोजित पत्रकारिता की पोल खोलती है।

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