Fake News -भारतीय सेना को बदनाम करने की साजिश

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fake photos of kashmiri children

पुलवामा के सच को छुपाने की साजिश

Fake News After Pulwama Terror Attack : देश में राष्ट्रवाद की लहर उठी है चाहे 45 जवानों के बलिदान के बाद ही सही, लेकिन आक्रोश चरम पर है। देश 45 जवानों की शहादत का पाकिस्तान से बदला लेने की बात कर रहा है । लेकिन अपने ही देश में बैठे कुछ प्रयोजित मीडिया, पत्रकार, नेता और अभिनेता देश के आक्रोश को खत्म करना चाहते है। इस आर्टिकल में द जयहिंद पुलवामा हमले के बाद देश को गुमराह करने वाली हर खबर का सच बताने जा रहा है।

कश्मीरी बच्चों की फर्जी तस्वीरें

भारतीय सेना की कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ जारी है जिसमे 5 जवान और शहीद हो गए है। कश्मीरी पत्थरबाजो के द्वारा पत्थरबाजी करके आतंकियों का बचाव किया जा रहा है। वही दूसरी ओर पाक समर्थित कुछ नेताओं और लिबरल पत्रकारों द्वारा कश्मीरी बच्चों पर सेना के जुल्म की फर्जी तस्वीरे शेयर की जा रही है। भारतीय सेना को दुनिया के सामने क्रूर दिखाने के लिये कश्मीरी अलगाव वादी नेताओ ने साजिश रची है। कश्मीरी बच्चों के सिर, हाथ और चेहरे पर मेक अप करके और पट्टियां बांधकर फोटोशूट किया जा रहा है। ताकि भारतीय सेना को दुनिया के सामने क्रूर साबित किया जा सके। लिबरल और पाकिस्तानी मीडिया द्वारा इसे अंतराष्ट्रीय मंचों पर उठाया जा रहा है।

fake photos of kashmiri children
fake photos of kashmiri children

कौन फैला रहा है पुलवामा पर झूठी खबरें

सबसे पहले तो उन मीडिया ग्रुप, पत्रकारों, नेता और अभिनेताओं का खुलासा करना बहुत जरूरी है जो यह फर्जी खबरे फ़ैला रहे है। पुलवामा के बाद फर्जी खबरे फ़ैलाने में अंतराष्ट्रीय मीडिया के साथ साथ भारत के नामी अखबार, पत्रकार , राजनीतिक दल और अभिनेता भी शामिल है।

फर्जी खबरें बनाने वाले मीडिया ग्रुप

देश में लगातार नकारात्मकता का माहौल बनाने के लिए अंतराष्ट्रीय मीडिया का साथ भारत के कुछ मीडिया चैनल और पत्रकार दे रहे है। अंतराष्ट्रीय मीडिया में चीन का ग्लोबल टाइम्स, पाकिस्तान का लगभग हर न्यूज चैनल और अख़बार और राइटर्स जैसे मीडिया भारत में फर्जी खबरें फ़ैलाने का कार्य कर रहे है।

Fake News By The Wire
Fake News By The Wire


अगर भारत के मीडिया की बात करे तो द हिन्दू, द इंडियन एक्सप्रेस, बिज़नस स्टैण्डर्ड, ndtv, alt न्यूज, the print, द क्विंट, the वायर और scroll आदि से जुड़े चैनल और सोशल मीडिया के द्वारा फर्जी खबरें बनायीं जा रही है। एक के बाद एक ख़बरों के फर्जी साबित होने के बाद भी इन मीडिया ग्रुप्स पर कोई कार्रवाई नही हुई है। क्योंकि यह मीडिया ग्रुप्स बड़ी चालाकी से अपने द्वारा चलायी गयी खबरों की जवाबदेही नही लेते है। केवल diclaimer की एक लाइन खबर के नीचे डालकर क़ानूनी कार्रवाई से बच जाते है।

Fake खबरें फ़ैलाने के लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग

इन मीडिया ग्रुप्स और इनसे जुड़े पत्रकार, नेताओ और अभिनेताओं के द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल फर्जी खबरें फ़ैलाने में किया जाता है। कुछ मामलो में यह पाया गया है कि इन मीडिया ग्रुप्स के द्वारा फर्जी खबरों को पैसे देकर सोशल मीडिया पर स्पोंसर्ड किया जाता है। सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्वीटर, यूट्यूब आदि पर फर्जी खबरें स्पोंसर्ड की जाती है।

Fake news by Scroll
Fake news by Scroll

फर्जी खबरें फ़ैलाने वाले पत्रकार

देश में नकारात्मक माहौल बनाने के लिए कुछ बड़े बड़े पत्रकारों द्वारा फर्जी खबरें बनायी जाती है। इन पत्रकारों ने अपने फॉलोवर्स में कुछ fake id जोड़ रखी है। समय समय पर यह उन कुछ fake id को स्पोंसर्ड करके फॉलोवर्स की संख्या बढ़ा लेते है। एक फर्जी खबर को पहले fake id से ट्वीट या पोस्ट किया जाता है। उसके बाद उस फर्जी खबर को बड़े बड़े नमी पत्रकारों और विशेष विचारधारा से जुड़े लोगो द्वारा शेयर किया जाता है।

फर्जी खबर के वायरल होने के बाद देश में नकारात्मक माहौल बन जाता है और जब तक उस फर्जी खबर का खंडन होता है तब तक ढेरो फर्जी खबरें और आ जाती है। आम जनता यह तय ही नही कर पाती है कि कौन सही बोल रहा है कौन झूठ । फर्जी खबरों को सच साबित करने के लिए करोड़ो रुपया खर्च किया जाता है और इन मीडिया ग्रुप को एक दूसरे का साथ भी बखूबी मिलता है।

Fake News Propaganda
Fake News Propaganda

पुलवामा में हमले के बाद कश्मीरियों पर हमले की झूठी खबरें नामी मीडिया और उनसे जुड़े लोगो ने फैलाई। लेकिन जब सारी की सारी खबरे पुलिस जाँच में गलत निकली तो उस मीडिया और उनसे जुड़े लोगो के बचाव में नेता और दूसरे लोग सामने आ गए। शहीदों पर आपत्तिजनक टिपण्णी करने वालो का बचाव भी इन्ही लिबरल मीडिया और पत्रकारों द्वारा समर्थन किया गया।
शहीदों की शहादत पर जश्न मनाने वालो पर हुयी कार्रवाई को साजिश बता दिया गया। जबकि सबूतों के साथ पकड़े गए आरोपियों को भी इस लिबरल मीडिया के द्वारा केवल राजनीतिक साजिश बताया गया।

कैसे हुआ फर्जी खबरों का प्रोपेगेंडा नाकाम

इस लेख में द जयहिंद ऐसे ही पत्रकारों, नेताओ और अभिनेताओं के नामों का खुलासा कर रहा है जिन पर फर्जी खबरे फ़ैलाने का आरोप है। पत्रकारों में NDTV मीडिया ग्रुप से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े पत्रकार जैसे रवीश कुमार, बरखा दत्त, निधि राजधान, स्वाति चौधरी, सागरिका घोष आदि है। इनके अलावा आशुतोष(पूर्व आप नेता), पुण्य प्रसून जोशी, राहुल कँवल, राहुल देव, अभिसार शर्मा, राणा अयूब, खानुम शेरवानी, सबा नकवी, अभय दुबे, राजदीप सरदेसाई आदि पत्रकार है।

Fake News By Satya Hindi
Fake News By Satya Hindi

फर्जी खबरें बनाने वाली न्यूज वेबसाइट्स

राफेल और पुलवामा हमले के बाद लगातार फैलाई जा रही फर्जी खबरों के पीछे कुछ नई न्यूज वेबसाइट्स और यूट्यूब चैनलो के नाम भी सामने आये है। इनमें प्रमुख रूप से the वायर, the print, the lallantop, scroll in, सत्य हिंदी, ध्रुव राठी और उक्त मीडिया ग्रुप से जुड़े पत्रकार और सोशल मीडिया एकाउंट्स है। कुछ वामपंथी एक्टिविस्ट, कांग्रेस नेता और विपक्षी नेताओं के भी नाम इस लिस्ट में शामिल है। जिनमे प्रमुख रूप से कांग्रेस के संजय निरुपम, प्रियंका चतुर्वेदी, कलाकार स्वरा भास्कर, रिचा चड्ढा, JNU की पूर्व छात्रा शेहला राशिद, कन्हैया कुमार, शेखर गुप्ता आप नेता मनीष सिसोदिया और इन पार्टियों के समर्थक है।

Fake News By The Hindu
Fake News By The Hindu

मोदी ने कराया पुलवामा आतंकी हमला

सोशल मीडिया पर बहुत सारे पोस्ट और ट्वीट्स देखे जा सकते है जिनमे यह दावा किया जा रहा है कि पुलवामा हमले के पीछे प्रधानमंत्री मोदी का हाथ है। मोदी ने लोकसभा में फायदा लेने के लिए 45 जवानों की हत्या करवायी है। इन दावो को साबित करने के लिए हाफिज सईद के साथ मोदी की एडिटेड फोटो के अलावा कोई तथ्य नही है। केवल अफवाहों के द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दोषी ठहराया गया है।

the quint fake news
the quint fake news

कश्मीरियो पर हमले की फर्जी खबरें

CRPF और सम्बंधित राज्यो की पुलिस द्वारा फर्जी खबरों के खण्डन के बाद भी उक्त प्रोपेगेंडा ग्रुप के द्वारा कश्मीरियो पर हमले की फर्जी खबरे सोशल मीडिया के द्वारा की जा रही है। कुछ एक मामलो में इन पत्रकारों के ऊपर FIR दर्ज की गयी है। इन पत्रकारों के खिलाफ शिकायतें मिलने पर पुलिस कार्रवाई हो रही है।

Fake News On Pulwama

अब इन लिबरल पत्रकारों द्वारा विक्टिम कार्ड चलाया गया है। जिसमे यह लोग दावा कर रहे है कि इनके निजी नंबर सोशल मीडिया में शेयर किए जा रहे है और उन्हें देशद्रोही बताकर गालियां दी जा रही है। कुछ मोबाइल नम्बरों के साथ FIR करवाने के दावे भी किये जा रहे है। जबकि ट्रोलर्स का मानना है कि देशद्रोही प्रोपेगेंडा चलाने पर इन लिबरल पत्रकारों की पोल खुल गयी है। इसलिये बचने के लिए नए नए हथकंडे अपना रहे है। लोगो का मानना है कि बरखा दत्त और अभिसार शर्मा जैसे पत्रकार ISI के एजेंडे पर काम कर रहे है और फर्जी खबरे फैलाकर देश का माहौल खराब करने का काम कर रहे है। उनके द्वारा BJP IT सेल पर लगाए गए आरोप मात्र खुद के बचाव में चलाया गया एक प्रोपेगेंडा है। इन लिबरल पत्रकारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

45 जवानों के खून से रंगे कांग्रेस के हाथ

शहादत पर राजनीति

दरअसल कांग्रेस आईटी सेल द्वारा पुलवामा हमले के बाद से प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के खिलाफ माहौल बनाये जाने की कोशिश की जा रही है। जिसकी आधिकारिक शुरुआत कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने की। पुलवामा आतंकी हमले की दुःखद खबर के आते हो पहला ट्वीट सुरजेवाला ने किया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि कहाँ गया 56 इंच का सीना। हमारे 18 जवान शहीद हो गए है, मोदी जी जवाब दो। अपने अगले ट्वीट में कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला आंकड़े शेयर करते हुए लिखते है कि मोदी राज में 1000% ज्यादा जवान शहीद हुए है। इसके बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों के द्वारा हजारो ट्वीट्स कुछ ही घण्टो में किये गए । इन ट्वीट्स में प्रधानमंत्री मोदी को 45 जवानों की शहादत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। इस प्रोपेगेंडा में लिबरल पत्रकारों ने भी विपक्ष का खूब सहयोग किया।

Poltics on Kashmir
Poltics on Kashmir
सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश

प्रधानमंत्री मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक पुरानी फोटो शेयर करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता संजय निरुपम लिखते है कि देश शहीदों के लिए रो रहा है और यह लोग ठहाके लगा रहे है। अन्य बीजेपी नेताओं की पुरानी और एडिटेड फोटो शेयर करके यह दावा किया जा रहा है कि बीजेपी नेता शहादत का मजाक उड़ा रहे है। दरअसल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली में शहीदों की श्रद्धाजंलि सभा में मोबाइल चलाते हुए पाये गये थे। राहुल गांधी की इस संवेदनहीनता की आलोचना हुई । इसी को काउंटर करने के लिए विपक्षी पार्टियों और लिबरल पत्रकारों द्वारा फर्जी फोटो के शेयर भाजपा नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की गई। लेकिन सभी के सभी दावे फर्जी साबित हुए।

Mamata banerji Support Pak
Mamata banerji Support Pak
पाकिस्तान को किया समर्थन

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पूरा देश गुस्से में है। देश की जनता सड़को पर उतर आई है और पाकिस्तान से बदले की मांग कर रही है। लेकिन विपक्षी पार्टियां और उक्त मीडिया पुलवामा हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ नही मानते। एक ओर सरकार के साथ खड़े होने की बात करने वाले इसे केवल कश्मीर की समस्या बता रहे है।

Siddhu support pakistan
Siddhu support pakistan
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से सहमत

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बोला है कि भारत की सरकार ने बिना सबूत पुलवामा आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को दोषी बताया है। इमरान खान ने कहा कि इस हमले से पाकिस्तान को कोई फायदा नही है बल्कि भाजपा की सरकार को लोकसभा चुनाव में बड़ा फायदा होगा। अब पाकिस्तान भी भारत की विपक्षी पार्टीयो के समर्थन में खुलकर आ गया । विपक्षी राजनीतिक दलों ने भी पाकिस्तान का समर्थन किया। अपने देश के प्रधानमंत्री पर अविश्वास जताकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पर विश्वास दिखाया है।

Imran khan on Pulwama Terror Attack
मोदी विरोध से देश विरोध तक

इन्ही मीडिया ग्रुप्स के पत्रकार और विपक्ष के नेता पुलवामा हमले के लिये जैश ए मोहम्मद की तारीफ भी की है और दूसरी ओर हमले के लिये प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार भी बताया है। विपक्ष की कई पार्टीयो के नेता पाकिस्तान के बचाव में सामने आये है और एक के बाद एक बयानबाजी कर रहे है। देश में उपजे आक्रोश को पाकिस्तान से हटाकर सरकार विरोधी करने का प्रयत्न कर रहे है। नवजोत सिद्धू, फारूक अब्दुला, ममता बनर्जी, महबूबा मुफ्ती, अखिलेश यादव आदि ने अपने बयानों से इस आक्रोश को मोदी विरोध में करने का प्रयास किया है।

Kamal Hasan Antinational statement
Kamal Hasan Antinational statement
लिबरल के भारत विरोधी बयान

देश की जनता पाकिस्तान से पुलवामा हमले का बदला मांग रही है। लेकिन देश के कुछ लिबरल और वामपंथी लोग कश्मीर की आज़ादी की बात कर रहे है। कांग्रेस नेता सिद्धू के बाद अब कमल हासन और प्रकाश राज ने कश्मीर में जनमत संग्रह की बात की है। साथ ही POK को आज़ाद कश्मीर बताया है । जबकि POK भारत का अभिन्न हिस्सा है जिसे पाकिस्तान ने कब्जा किया हुआ है। सोशल मीडिया में इन लिबरल लोगो को देशद्रोही कहा जा रहा है।

Kanhaiya kumar against Army
Kanhaiya kumar against Army
पुराने बयानों पर खिंचाई

पाकिस्तान में घटित आतंकवादी घटनाओं के लिए आँसू बहाने वाले बॉलीवुड को भी जनता जमकर खरी खोटी सुना रही है।क्योंकि बॉलीवुड के कलाकारों द्वारा समय समय पर पाकिस्तानी कलाकारों का समर्थन किया गया है। लेकिन पुलवामा हमले पर बस कुछ गिनती के कलाकारों की प्रतिक्रिया सामने आयी है। सेना को अपशब्द कहने वाले अभिनेताओं, नेताओं और कन्हैया कुमार जैसे वामपंथी नेताओ के पुराने बयान शेयर किये जा रहे है। वही कपिल शर्मा द्वारा नवजोत सिद्धू का समर्थन करने पर अब उनके शो द कपिल शर्मा शो के बहिष्कार करने की मुहिम चल रही है।

Kapil supports Siddhu
Kapil supports Siddhu

द जयहिंद की पड़ताल में सामने आया कि उक्त मीडिया और उनसे जुड़े लोगो द्वारा फर्जी खबरें फैलाई गई है। इसके पीछे सिर्फ सरकार विरोधी माहौल बनाने की साजिश है। द जयहिंद देश की जनता से उक्त मीडिया ग्रुप्स, पत्रकारों , नेता और अभिनेताओं का बहिष्कार करने की अपील करता है। यदि राजनीतिक फायदे के लिए देशहित के विरुद्ध षड्यंत्र किया जाता है तो सभ्य समाज को इसका बहिष्कार करना ही चाहिए।
जयहिंद

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